ग्रामीण जीवन भारत गाँवों का देश है। पंत के शब्दों में-भारतमाता ग्रामवासिनी। हमारी सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में गाँवों का विशेष स्थान तथा महत्व है। इस युग में भी ग्राम्य जीवन का आनन्द वर्णनातीत है। गाँव भारतीय संस्कृति के मेरुदण्ड हैं।
Rural Life Essay ग्रामीण जीवन पर निबंध
गाँव से अनेक लाभ हैं। मनुष्य का स्वास्थ्य स्वच्छ वायु पर अवलम्बित है। बड़े-बड़े शहरों में स्वच्छ वायु का मिलना दुर्लभ ही नहीं नितान्त असम्भव है। नगर निवासियों को स्वच्छ वायु के सेवन के लिए प्रात: काल कई किलोमीटर का भ्रमण करना पड़ता है। उन्हें स्वच्छ वायु पूर्णरूप से प्राप्त नहीं होती।
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गाँव में प्रात: उठकर किसी ओर चले जाइये। शीतल, मन्द तथा सुगन्धित वायु का स्पर्श आपको नवीन स्फूर्ति, नवीन शक्ति प्रदान करेगी। खेतों के बीच में छोटी सी पगडण्डी पर चलना कितना आनन्द देता है। वहाँ सभी को स्वच्छ वायु सरलता से मिल जाती है।
गाँव प्राकृतिक दृश्यों का आगार है। सभी ऋतुओं में नयनाभिराम दृश्य होते हैं। वर्षा में गाँव का सौन्दर्य देखकर तो मन-मयूर नृत्य करने लगता है। उद्यानों, वाटिकाओं की शोभा अकथनीय है। लहराते हुए हरे भरे खेत, श्यामल वृक्ष तथा लिपटी हुई इठलाती बल्लरियाँ देखने वालों के हृदय को नवीन उल्लास एवं हर्ष से परिपूर्ण कर देती है। सरोवरों में नाना भाँति के पुष्प
और लताएँ अनुपम शोभा धारण करती हैं। पिक की पीयूष-वर्षिणी वाणी श्रुति पुटों में पीयूष उड़ेलती है। दादूरों तथा अन्य थलचर एवं नभचर प्राणियों की ध्वनि में माधुर्य घुला होता है। पंख फैलाये मोर की पीऊ-पीऊ की ध्वनि तथा मनोहर नृत्य हृदयग्राही होते हैं। कल कल ध्वनि से प्रवाहित होती हुई कल्लोलिनी से गाँव का सौन्दर्य द्विगुणित हो जाता है।
Rural Life Essay ग्रामीण जीवन पर निबंध
यही नहीं, सभी ऋतुओं में गाँव की शोभा निराली होती है। ग्रीष्म-ऋतु में जब शहरों के रहने वाले पत्थर निर्मित घरों में प्रचण्ड सूर्य की तप्त किरणों से जला करते हैं, उस समय गाँव के कच्चे घर अति शीतल तथा सुखदायी होते हैं। ऋतुएँ गाँव को केवल सौन्दर्य ही प्रदान नहीं करती, वरन् सुखदायक भी होती हैं।
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गाँव के भोले-भाले निवासी सरलता एवं सौम्यता की मूर्ति होते हैं। उनके जीवन का आधार "सादा जीवन उच्च विचार" होता है। उनकी वेशभूषा जैसी साधारण होती है वैसी ही बोलचाल भी। उनके खान-पान, उठने-बैठने आदि में अभी सरलता परिलक्षित होती है। नागरिकों की अपेक्षा उनका चरित्र भी श्रेष्ठ होता है। ये सभी दुर्गुणों से मुक्त होते हैं। उदारता, मार्मिकता, सच्चरित्रता
