Forest Conservation Essay वन संरक्षण पर निबंध वन संरक्षण वन भारत की राष्ट्रीय सम्पत्ति है। समस्त क्षेत्रफल का लगभग 22% ही अब वन का क्षेत्र रहा जबकि अच्छी अर्थव्यवस्था के लिए लगभग 35% क्षेत्रफल में वनों की आवश्यकता है। वनों की कटाई अब भी काफी तेजी से हो रही है। उसे Deforestation कहते हैं।
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हमारे देश में जिस तेजी से वनों का ह्रास हो रहा है, लगता है; आज से चालीस-पचास वर्षों के अन्दर इनका सम्पूर्ण नाश हो जाएगा और वन नाम की कोई चीज ही नहीं रह जाएगी। प्रति वर्ष 15 लाख हेक्टेयर वनस्थल हमारे देश में नष्ट हो रहा है।
Forest Conservation Essay वन संरक्षण पर निबंध
अनुमान किया जाता है कि हर पाँच वर्ष में हरियाणा के बराबर भूमि की वन-सम्पदा खत्म हो रही है। इसके कारण राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि प्रदेशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जो आज से केवल कुछ वर्ष पहले हरे-भरे थे, पर आज वहाँ पर पेड़ों का नामो-निशान तक मिट गया है
और वहाँ की भूमि ऊसर हो गई है। वनों के कट जाने से वर्षा में भीषण कमी आ गई है और ये इलाके धीरे-धीरे मरुस्थल में बदल रहे हैं। बिहार में भी जंगलों की बर्बादी की यही दशा रही है। पलामू (झारखण्ड) के जंगल करीब दस प्रतिशत प्रति वर्ष के हिसाब से काट कर नष्ट किए जा रहे हैं।
यदि वन-संरक्षण की ओर हम शीघ्र जागरूक नहीं होते हैं तो हमारे लिए भयंकर स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। यह संतोष की बात है कि वन-संरक्षण का संदेश तीव्रता से फैल रहा है और यदि मनुष्य अपने लोभ पर थोड़ा काबू पा ले तो उजड़े वनों को फिर से बसाया जा सकता है।
वन-संरक्षण, उनमें रहने वाले पशु-पक्षियों के संरक्षण का संदेश श्री सुन्दरलाल बहुगुणा-जैसे व्यक्तियों द्वारा चलाए गए 'चिपको' आन्दोलन से लोगों में इस दिशा की ओर सजगता पैदा कर रहा है।
वन-संरक्षण से लाभ : वनों की सुरक्षा से हमें निम्नलिखित फायदे हैं
1. वन से मौसम का संतुलन बना रहता है और वर्षा होती है।
2. वन का मिट्टी के संरक्षण में भी बहुत बड़ा योगदान है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों से वन का नाश कर दिया जाए तो वहाँ की मिट्टी कटकर बर्बाद हो जाएगी।
3. वन के कारण वायु की शुद्धता बढ़ती है और वे वन में रहनेवाले जीव-जन्तुओं को संरक्षण, मिलता है।
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