Jay Jay Bhairavi Asur Bhayawani Shirshak Ka Bhavarth Likhiye || जय-जय भैरवि असुर भयाउनि' शीर्षक पद का भावार्थ लिखें।

Jay Jay Bhairavi Asur Bhayawani Shirshak Ka Bhavarth Likhiye || जय-जय भैरवि असुर भयाउनि' शीर्षक पद का भावार्थ लिखें।. उत्तर-'जय-जय भैरवि असुर भयाउनि' शीर्षक पद महाकवि विद्यापति रचित उनकी एक भक्तिपरक रचना है जो उनकी पदावली में संग्रहित है। यहाँ माता भैरवी के प्रति भक्तकवि विद्यापति की भक्ति-भावना की अभिव्यक्ति हुई है।

Jay-Jay-Bhairavi-Asur-Bhayawani-Shirshak-Ka-Bhavarth-Likhiye
Jay Jay Bhairavi Asur Bhayawani

कवि कहता है कि हे असुरों को भयभीत करनेवाली महादेव की अर्धांगिनी भैरवी! आपकी जय हो। हे देवी! मुझे सहज सुमति का वरदान दीजिए ताकि मेरा ध्यान सदैव आपके चरणों में लगा रहे।

Jay Jay Bhairavi Asur Bhayawani Shirshak Ka Bhavarth Likhiye

माता भैरवी के चरण दिन-रात शवासन पर सुशोभित रहते हैं। चन्द्रकांत मणि उनकी बाहु में सदैव विराजमान रहती है। कितने ही असुरों का संहार कर उसे उन्हें अपने मुख में डाल लिया और कितनो को ही चबाकर बाहर उगल दिये।

माता भैरवी श्याम वर्ण की हैं और नेत्र जैसे रक्त से भरे जिन्हें देखकर ऐसी प्रतीति होती है जैसे बादलों के मध्य कमल खिले हों।

माता भैरवी के मुख से कट-कट की विकट ध्वनि निकलती रहती है। उनके दोनों ओंठ पाटल

के पुष्प की तरह लाल हैं। उनके दोनों ओंठों के मध्य रक्त भरे होने के कारण उससे झाग और बुलबुले उठ रहे हैं। _माता भैरवी के घुघरूओं की ध्वनि बादलों की गंभीर गर्जना जैसी प्रतीत होती है। उनकी तलवार हनहनाती हुई दैत्यों का नाश करती जाती है।

Jay Jay Bhairavi Asur Bhayawani Shirshak Ka Bhavarth Likhiye

अन्त में भक्तकवि विद्यापति द्वारा माता भैरवी के प्रति अपनी प्रार्थना निवेदित की गई है कि माता भैरवी के चरणों की शरणागति उन्हें प्राप्त हो तथा उनके द्वारा अपने पुत्र को भुलाया नहीं जाय अर्थात् भक्तकवि विद्यापति को अपने लिए कृपाभिलाषा माता भैरवी के प्रति सतत बनी रहे।

प्रस्तुत पद में भैरवी की वंदना करते हुए महाकवि विद्यापति ने अपने शाक्त होने का परिचय दिया है। यहाँ महाकवि विद्यापति के शाक्त और शैव दोनों ही होने का पता चलता है।

I am a student web designer, I can give you a WordPress website by designing a professional website and if you want to see what website I design, Click on this link. click here website demo

Post a Comment

© Kiss Shayari. All rights reserved. Distributed by StatusClinic