Bade Na huje gunan binu muhavare in hindi बड़े न हूजै गुनन बिनु. संसार में श्रेष्ठता की कसौटी गुण है। जितने लोग बड़े माने गये हैं उनकी श्रेष्ठता का आधार कोई गुण या विशेषता है। अतः यदि कोई व्यक्ति बड़ा बनना चाहता है तो उसे अपने भीतर कोई विशेषता पैदा करनी चाहिए।
Bade Na huje gunan binu muhavare in hindi बड़े न हूजै गुनन बिनु
बिना गुण यदि कोई बड़ा बनना चाहता है तो वह हास्यास्पद बन जाता है। जैसे मोर का पंख लगाकर मोर बनने वाला कौआ मोरों द्वारा तो नकार दिया ही गया कौओं द्वारा भी मार-मार कर भगा दिया गया। फलतः वह न घर का रहा न घाट का। इसलिए नकली रूप-विन्यास,
दिखावटी तामझाम या विज्ञापन बाजी से कोई हीन व्यक्ति श्रेष्ठ नहीं बनता है। असलियत अन्ततः प्रकट हो जाती है और वह उपहास और उपेक्षा का पात्र बन जाता है। इसी आधार पर कहा गया है कि बिना गुण के बड़े होने का प्रयास नहीं करना चाहिए। बड़े न हूजिए गुनन बिनु।।
