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वानखेड़े स्टेडियम (मुम्बई) में 2 अप्रैल को खेले गए इस मैच में भारत और श्रीलंका के राष्ट्रपतियों ने मैच का लुफ्त उठाया। पहले ही ओवर में सहवाग आऊट हो गए इससे टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा। उम्मीद की किरण सचिन तेंदुलकर भी 18 रन सात ओवर पर मलिंगा का शिकार हुए और आऊट हो गए। भारतीयों के होश गुम होने लगे। किन्तु गौतम गंभीर और धौनी की सहभागिता ने कमाल कर दिखाया।
Vishwa cup par Nibandh Likhiye
जैसे ही धौनी ने तेज गेंदबाज कुलशेखरा की गेंद पर लांग आन पर छक्का मारा पूरा देश जश्न में डूब गया। करोड़ों भारतीयों की दुआएं काम आयीं। फाइनल में राष्ट्रपति को सलामी। इसके पहले सेमीकाइनल में प्रधानमंत्री को सलामी। साथ में महान सचिन तेंदुलकर को सच्चा सलाम। सचिन का अपने गृह नगर में विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा होने का सपना पूरा हुआ।
सचिन और सहवाग के जल्दी आउट हो जाने के बाद स्टेडियम में छाए सन्नाटे को गौतम के दम और धौनी नाबाद (91) के धमाल ने दूर कर दिया और टीम इंडिया ने अपने पड़ोसी मुल्क श्रीलंका को 6 विकट से हराकर विश्व विजय हासिल की। टीम इंडिया ने श्रीलंका द्वारा दिये गये 275 रनों के विजय लक्ष्य को 4 विकेट खोकर 48.2 ओवर में हासिल कर लिया।
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इस जीत से न केवल वानखेड़े में बैठे राजनेता, बॉलीवुड सितारे, दर्शक बल्कि समूचा भारत झूम उठा। जीत के बाद खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के आंखों में कहीं खुशी के और कहीं गम के आंसू थे। जीत की खुशी के साथ सभी के दिल से एक आह भी निकली कि काश शनिवार को सचिन का महा शतक और जीत की पटकथा लिखने वाले गौतम गंभीर (97) का शतक भी पूरा हो जाता।
टीम इंडिया ने अपने प्रदर्शन से जता दिया कि भारत सिर्फ व्यावसायिक दृष्टि से क्रिकेट का केन्द्र नहीं है बल्कि इस खेल में भी सर्वश्रेष्ठ है। टेस्ट में नंबर वन का रूतबा हासिल कर चुकी टीम इंडिया इस विजय से अब वनडे में भी नंबर वन हो गई। धौनी ने इस खेल के सभी वनडे कप जीतने का रिकार्ड भी बना लिया।
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सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतने का वादा करने वाली टीम इंडिया ने जब श्रीलंका को फाइनल में हराकर इसे पूरा किया तो खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और इस चैंपियन बल्लेबाज को कंधे पर बिठाकर टीम इंडिया ने वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया।
धौनी ने छक्का लगाकर ज्यों ही टीम को जीत दिलायी, दूसरे छोर पर उनके साथ खड़े युवराज दौड़कर उनके गले मिले और फफक पड़े। ड्रेसिंग रूम में बैठे भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर दौड़कर युवी और धौनी को गले लगा लिया।
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हरभजन सिंह हो या सचिन तेंदुलकर या फिर पहला विश्व कप खेल रहे विराट कोहली, सभी की आँखों में खुशी के आंसू थे। युसूफ पठान, सुरेश रैना और विराट कोहली ने मिलकर सचिन को कंधे पर उठा लिया और पूरी टीम ने 'सचिन सचिन' चिल्लाते हुए वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया।
विराट ने कहा, 'इस चैंपियन खिलाड़ी ने 21 साल तक देश की उम्मीदों का बोझ उठाया है और आज हमारी बारी थी उन्हें कंधे पर उठाकर सम्मान देने की।' गौतम गंभीर ने कहा, 'हम सभी की आंखों में खुशी के आंसू हैं। हमने 2007 विश्व कप में खराब खेला था, लेकिन आज जीतने का सपना सच हो गया। इस प्रकार विश्व कप जीतने का सचिन का सपना पूरा हुआ।