Sandesh Rasak Ki Rachana Kaisi thi | संदेश रासक की रचना कैसी थी. It was composed by the poet Adahman (Abdurrahman) in the twelfth-thirteenth century around the original place (Multan). It was composed in the Apabhramsa language but was more closely spoken. 'Sandesh Rasak' is a messenger poem. In the original story of poetry, the description of the heroine of Vijay Nagar's Proshitpatika, whose husband went to Khambhat for earning.
Sandesh Rasak Ki Rachana Kaisi thi | संदेश रासक की रचना कैसी थी
Ans. इसकी रचना कवि अद्दहमाण (अब्दुर्रहमान) के द्वारा बारहवीं-तेरहवीं शताब्दी में मूल स्थान (मुलतान) के आसपास हुई थी। इसकी रचना अपभ्रंश भाषा में, किंतु बोलचाल के अधिक नजदीक थी। 'संदेश रासक' एक दूत काव्य है। काव्य की मूल कथा में विजय नगर की प्रोषितपतिका नायिका का वर्णन है जिसका पति धनार्जन हेतु खंभात गया है। यह विरहणि नायिका एक पथिक के माध्यम से
अपनी विरहानुभूति का संदेश पति तक संप्रेषित करना चाहती है। इसमें मंगलाचरण, आत्म-परिचय, ग्रंथ लिखने के औचित्य, षड्ऋतु वर्णन तथा रूप वर्णन जैसी शास्त्रीय रूढ़ियों की कमी नहीं है, फिर भी उसमें नारी के करूणामय हृदय का संदेश मार्मिक है। इस काव्य में लोग जीवन के अछूते चित्र प्राप्त होते हैं।
Bhaktikal Se Kya Abhipray Hai | Devoutly mean |👉 भक्तिकाल से अभिप्राय.
