Aadhunikta Ka Abhipray Mean modernity आधुनिकता का अभिप्राय
आधुनिकता का अभिप्राय
Ans. साहित्य के इतिहासकारों से सन् 1850 ई० से हिंदी के आधुनिक काल का प्रारंभ माना है। आपके मन में यह प्रश्न उठता है कि आज से डेढ़ सौ वर्ष पूर्व जो आधुनिक था, वह भी तो आज प्राचीन हो गया। वस्तुतः आधुनिकता केवल समय की नहीं होती, दृष्टि और चेतना की होती है।
1850 ई० के आसपास से हमें हिंदी साहित्य में देश और समाज की समस्याओं और प्रश्नों के प्रति नई चेतना, नई दृष्टि और नए जीवन-मूल्य दिखाई पड़ने लगते हैं तथा अंध-जर्जर रूढ़ियों और परंपराओं के तिरस्कार का भाव दिखाई पड़ने लगता है। इसीलिए इस काल को हम 'आधुनिक काल' कहते हैं।
विदेशी शिक्षा तथा विचारों के संपर्क में आने के फलस्वरूप जनता जागरूक हुई और उसका ध्यान अपने गौरवपूर्ण अतीत के साथ ही वर्तमान अधोगति पर गया। धार्मिक-सामाजिक सुधार आंदोलनों के द्वारा समाज को नई प्रेरणा मिली और आर्थिक शोषण तथा दुर्दशा ने राजनीतिक चेतना जगाई।
Rashtriya-Sanskritik kavydhara National cultural poetry राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा
स्वतंत्र ढंग से विचार करने की परिस्थिति बनी। परिणामतः, कविता राज्याश्रय, सामंतों-धनिकों से हटकर मध्यवर्ग, दीन-दलितों, किसानों-मजदूरों तक पहुँची। सामयिक समस्याओं और संघर्षों का चित्रण होने लगा।
