What is the reason for human indifference in Hindi Motivational Speech?

What is the reason for human indifference? Hindi Motivational Speech. उदासीनता हृदय का ऐसा भाग है। जहां हमें किसी भी बात में रुचि नहीं रहती। हम कोई कार्य करने के लिए उत्साहित नहीं होते। उदासीनता जब एक सीमा से बढ़ जाती है। तो मन का रोग बन जाती है। मनुष्य जीवन से अधिक। ......  

What is the reason for human indifference in Hindi Motivational Speech?

What is the reason for human indifference? Hindi Motivational Speech

मृत्यु को पसंद करने लगता है। हम सब कभी ना कभी उदासीनता का अनुभव अवश्य करते हैं। मन निराशा से भर जाता है। हम कार्य का त्याग कर बैठते हैं। ज्यादातर हमारी उदासीनता कुछ समय के लिए ही होते है। इसलिए उस से होने वाली हानि को हम पहचान नहीं पाते। उदासीनता धीरे-धीरे आदत का रूप धारण कर लेती है।

मनुष्य की उदासीनता का कारण क्या है। हिंदी मोटिवेशनल स्पीच

कई बार उदासीनता के कारण हाथ में लिए कार्य अधूरा छोड़ देते है। क्या हम सब के साथ ऐसा नहीं होता। तो वास्तव में उदासीनता क्या है। उदासीनता का जन्म कहां से होता है। इससे छूटने का उपाय क्या है। उदासीनता वास्तव में मन की ऐसी स्थिति का नाम है। जब हमें अपनी तकलीफों, अपनी कठिनाइयों, के कारण हम कहते हैं। कि समाज बुरा है।

नौकरियाँ, स्वामी आदि गलत है। पति या पत्नी का बर्ताव अनुचित है। जीवन की परिस्थितियां प्रतिकूल है। वक्त हमारा साथ नहीं दे रहा वगैरह-वगैरह। और जब दुख का कारण बाहर होता है। तो उसको बदलने का हमारे पास कोई मार्ग नहीं होता। क्या यह सत्य नहीं। मौसम को किस प्रकार बदल सकते हैं। परिस्थितियों में कैसे परिवर्तन ला सकते हैं।

Hindi Motivational Speech

हम स्वयं को निस्सहाय मानने लगते हैं। और वहीं से उदासीनता का जन्म होता है। क्या यह सत्य नहीं। क्या हमारी सारी विविधताओं का कारण बाहर है। या स्वयं हमारे भीतर है। हमारे बुरे हालात क्या दूसरों के कारण है। क्या हमारा परिवार हमारा शत्रु है। क्या दुश्मन है। यह हमारी परिस्थितियां है। हम इसे स्वयं निर्मित करते हैं।


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विचार कीजिए की पतझड़ में पत्ते गिरा देने वाली ठंड क्या वृक्ष के साथ दुश्मनी कर रही है। नहीं। ऋतु चक्र तो अपना कार्य करता है। भीड़ के साथ ना दुश्मनी है। ना दोस्ती।जिस तरह। समय के साथ अनुकूल हो जाना। वृक्ष का कर्तव्य है। ठीक वैसे ही समाज कभी किसी व्यक्ति का ना मित्र होता है। ना शत्रु समाज को जिससे लाभ मिलता है। 

What is the reason for human indifference? Hindi Motivational Speech

समाज उसका मित्र बन जाता है। अर्थात समाज तब बनता है। जब हम समाज के प्रतिकूल बनते हैं। नेता ही व्यक्तियों के बीच में भी होता है। जिसे प्रेम करते हैं। वह हमें प्रेम देता है। लाभ देते हैं। वह हमें लाभ देता है। हमारी हालात बदलने के लिए हमें स्वयं अपने आप में परिवर्तन करना पड़ता है। 

इतना समझ लेने पर खुद में परिवर्तन करना कठिन नहीं। अर्थात जीवन में उदासीनता का कोई कारण ही नहीं। केवल अपने आप में परिवर्तन करना पर्याप्त है। अवश्य विचार कीजिएगा  मनन कीजिएगा। इन बातों पर।
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