Total Dhamaal movie review
Total Dhamaal movie review. डिरेक्टर: इंद्र कुमार
क्रिएटर्स: इंद्र कुमार, अशोक ठाकेरिया
कास्ट: अजय देवगन, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, रितेश, ईशा गुप्ता, देशमुख, अरशद वारसी
टाइम: 2 घंटे 20 मिनट
इस पोस्ट में हम मल्टीस्टारर फिल्म टोटल धमाल के बारे में बात करेंगे। इस वीकेंड पर फिल्म ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में टोटल धमाल ने अपना धमाल मचा रखा है। विदेशों में पहले दिन टोटल धमाल ने कुल 8.75 करोड़ का कलेक्शन किया है। टोटल धमाल को कनाडा, यूएई, अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया में शानदार रिस्पॉन्स मिला है। जानवरों को दिखाए जाने के कारन। इस मोवी को वाइल्ड एडवेंचर कॉमेडी का नाम दिया गया है।
यह मोवी धमाल सीरीज की तीसरी फिल्म है। साल 2007 में धमाल बनी थी। सीक्वल 2011 में डबल धमाल बनी और फिर अब टोटल धमाल टोटल धमाल' में ज्यातर , इसके कैरेक्टर मौत से लड़ते नजर आएंगे। चाहे वह एक चट्टान से गिर रहा हो या एक बन रहे ऊँची इमारत से, कैरेक्टर भगवान भरोसे जिन्दा रहते हैं। यह आपकी बुद्धिमत्ता का अपमान है। और फिल्म के जोक्स में कोई दम नहीं है।
Total Dhamaal movie Total Dhamaal box office collection and star cast
Director: Inder Kumar
Creators: Indra Kumar, Ashok Thackeria
Cast: Ajay Devgan, Anil Kapoor, Madhuri Dixit, Ritesh, Isha Gupta, Deshmukh, Arshad Warsi
Time: 2 hours and 20 minutes
In this post, we will talk about the multi-star film Total Dhamaal. The film has performed better than expected this weekend. Total Dhamal has done a lot in the world, not just in India. On the first day abroad, Total Dhamal has collected a total of 8.75 crores. Total Dhamal got a fantastic response in Canada, UAE, USA, UK, and Australia.
This is the third movie of the Mhow Dhamaal series. Dhamaal was made in 2007. Sequel 2011 was made double, and now in Total Dhamal Total Dhamma, its character will be seen fighting with death. Whether it is falling from a rock or from a tall building, the character God lives on. This is an insult to your intelligence. And there is no breath in the jokes of the movie
Total Dhamaal movie review
टोटल धमाल। डायरेक्टर इंद्र कुमार, अजय देवगन, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, और संजय मिश्रा जी, आशीष चौधरी जी नहीं है। वैसे तीसरा पार्ट कहने की अपेक्षा फर्स्ट पार्ट का रीमेक कहेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। क्योंकि कहानी में कोई भी डिफरेंस नहीं है। कहानी को बड़े स्टार को साथ में लेकर बनाया गया है।इतना ही एक डिफरेंस है। वही एक एक्सीडेंट में एक लख्मी व्यक्ति है। वह जख्मी व्यक्ति फिल्म के लीड कैरेक्टर को उसके द्वारा छुपाए गए ₹500000000 रुपयों के बारे में बताता है। इसके बाद में सारे आपस में झगड़ते हैं। इन पैसों को आपस में कैसे बांटा जाएगा। बहुत सारे चीज को तो फर्स्ट पार्ट से ही मिलाने की हूबहू कोशिश की है। या उनको रीक्रिएट करने की कोशिश की है।
जो हेलीकॉप्टर एरोप्लेन वाला सीन था। जो विजय राज्य का एरोप्लेन वाला इसे देखकर हम आज भी पेट पकड़कर चाहे कितनी भी बार आप उसे देख लीजिए। हँसते है। उसका 1% भी इस फिल्म का वह सीन हमें हंसा नहीं पाता है। अगर सीधी और सिंपल भाषा में आपको बताऊँ। डबल धमाल चलो ठीक था। एक बार हम उसे देख सकते हैं। पर टोटल धमाल को बड़ी ही आसानी से टोटली पूरी तरीके से भूल सकते हैं। एक तो मेंटल से आदि मानव मन रॉय बमन तो है ही नहीं। ज्यादा फोकस इन बड़े बड़े स्टार पर ही था।
टोटल धमाल मूवी रिव्यू
अजय देवगन, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित पर है। जिन एक्ट्रेस की वजह से एंजॉय किया था। उनको बड़े-बड़े स्टार पर ज्यादा फोकस किया जाता है। फिल्म की प्रोडक्शन वॉल्यूम बढ़ा दी जाती है। और इसी वजह से ज्यादातर रीमिक्स हमें निराश करते हैं। पता नहीं बड़े बड़े प्रोडक्शन हाउस ये बात कब समझेंगे। कि भाई हमने जिस वजह से ओरिजिनल पार्ट को एंजॉय किया था। हमें वही चाहिए। उससे बेहतर करने की कोशिश करिए।बस प्रोडक्शन वैल्यू मत बढ़ाइए उससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता। और यहां पर अजय देवगन, अनिल कपूर, और माधुरी दीक्षित ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है। पर इससे या कहानी का टोन जिस प्रकार से है। ना ऐसे कई एक्टर्स पर सूट ही नहीं करते। अजय देवगन, अनिल कपूर माधुरी दीक्षित इन पर यह कैक्टस बिल्कुल ही सूट नहीं करते।
टोटल धमाल मूवी रिव्यू
इस वजह से यह फिल्म हमें बस पूरी फिल्म के दौरान हम बेसबरी से खत्म होने की राह देखते हैं। फिल्म अभी और मानव के कुछ 3 से 4 जगह में हंसाते हैं। बिल्कुल सच में हंसाते हैं। और फिर कहीं पर भी हमें इंप्रेस नहीं कर पाती। फिल्म ऑडियंस को अट्रैक्ट करने के लिए १ जगह पर मोदी जी की प्रशंसा भी की गई है। इसे एक डायलॉग अनिल कपूर जी का कैरेक्टर बोलता है।कि कुछ साल पहले अमेरिका ने गुजराती को वीजा देने से मना किया था। आज वही अमेरिका उसके पीछे पीछे पिज़्ज़ा लेकर घूम रहा है। मोदी जी की फैन फॉलोइंग कितनी है। बच्चों से लेकर के बड़ों तक मोदी जी को पसंद करते हैं। लेकिन भले ही इतनी मोदी जी के प्रसंसा की गई हो। पर फिर भी यह फिल्म ऑडियंस को डिसप्वाइंट करेगी। निराश करेगी।
किसी भी तरीके से ही फिल्म हमें इंप्रेस कर ही नहीं पाती। बहुत ही कमजोर स्क्रिप्ट है। इस प्रकार के डायलॉग से कहीं पर पंच हमें मिलता ही नहीं।


